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एक और बड़ा आंदोलन! CJP के बाद E20 जनता पार्टी ने किया संसद मार्च का ऐलान

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एथनॉल मिले पेट्रोल यानी E20 के खिलाफ चल रहा विरोध अब एक नए राजनीतिक और सामाजिक अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है. E20 जनता पार्टी नाम से चल रहा यह अभियान इन दिनों तेजी से चर्चा में है. पार्टी ने संसद तक मार्च करने का ऐलान किया है. इसकी तुलना कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस आंदोलन से भी की जा रही है, जिसने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद तक पैदल मार्च किया था. सोशल मीडिया पर E20 जनता पार्टी के समर्थकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसके अभियान को काफी लोगों का समर्थन मिल रहा है.

E20 जनता पार्टी का कहना है कि मौजूदा एथनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी में कई कमियां हैं. पार्टी का दावा है कि अगर नीति में सुधार किया जाए तो पेट्रोल की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति लीटर तक लाई जा सकती है. पार्टी का यह भी कहना है कि बेहतर पॉलिसी के जरिए किसानों को भी अधिक फायदा पहुंचाया जा सकता है. उनका मानना है कि यह समय पॉलिसी  की कमियों को दूर करने का है, न कि उन कमियों का बचाव करने का. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी कर रही है.

ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से अभियान को समर्थन

इस अभियान को ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से भी समर्थन मिल रहा है. दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने E20 पेट्रोल के खिलाफ 4 अगस्त को संसद तक मार्च करने की घोषणा की है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एसोसिएशन का आरोप है कि एथनॉल मिले हुए पेट्रोल के कारण गाड़ियों की ईंधन क्षमता कम हो रही है और गाड़ी चलाने का खर्च बढ़ रहा है.

E20 जनता पार्टी की मुख्य मांग

E20 जनता पार्टी की मुख्य मांग यह है कि देशभर में E0 पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए और लोगों को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार मिले. पार्टी चाहती है कि उपभोक्ताओं को E0, E20 और E85 जैसे विकल्पों में से किसी एक को चुनने की स्वतंत्रता हो. उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी गाड़ी के लिए शुद्ध पेट्रोल यानी E0 चाहिए, तो उसे वह खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए. पार्टी का मानना है कि किसी एक प्रकार के ईंधन को लोगों पर जबरन नहीं थोपा जाना चाहिए. साथ ही अलग-अलग प्रकार के ईंधन की कीमतों में भी स्पष्ट अंतर होना चाहिए.

टैक्सी और परिवहन संगठनों ने मुद्दे को गंभीर बताया

टैक्सी और परिवहन संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा है कि देशभर के टैक्सी चालक, बस संचालक, टूरिस्ट वाहन मालिक, ट्रांसपोर्टर, ऑटो चालक और टूर ऑपरेटर 4 अगस्त 2026 को पहले जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद संसद की ओर मार्च करेंगे. इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. उनका कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहन मालिक परेशान हैं. उनका दावा है कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है.

गांधीवादी तरीके से मार्च करने की तैयारी

पार्टी ने यह भी बताया है कि उसके कार्यकर्ता गांधीवादी तरीके से मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, तहसीन पूनावाला की टीम भारत की अगुवाई में 31 जुलाई 2026 को इंडिया गेट से संसद तक एक मार्च निकाला जाएगा. इस मार्च में E10 और E0 जैसे विकल्प उपलब्ध कराने, E20 को 20 प्रतिशत सस्ता करने और शुद्ध पेट्रोल की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति लीटर रखने जैसी मांगें उठाई जाएंगी.

E20 जनता पार्टी का सच

E20 जनता पार्टी का अभी तक कोई आधिकारिक संस्थापक या औपचारिक संगठन सामने नहीं आया है. फिलहाल इसे नागरिकों द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल अभियान माना जा रहा है. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. एक्स पर इस अभियान से जुड़े अकाउंट को लगभग 48 हजार लोग फॉलो कर रहे हैं. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या 1 लाख 77 हजार से अधिक पहुंच चुकी है. सोशल मीडिया पर किए गए अपने अलग-अलग पोस्ट में E20 जनता पार्टी से जुड़े लोग एथनॉल मिले पेट्रोल को लोगों पर थोपे जाने का विरोध कर रहे हैं.

 

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