नीट यूजी 2026 री-एग्जाम अब सिर्फ कुछ घंटों का समय है. 21 जून को होने वाली इस परीक्षा में करीब 22.7 लाख छात्र शामिल होंगे, जिनका सपना एमबीबीएस में दाखिला लेकर डॉक्टर बनना है. पिछले पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई परीक्षा को अब कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा आयोजित किया जा रहा है. भारतीय वायुसेना, CAPF, CCTV निगरानी और कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी.
हालांकि, परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश और सुरक्षा जांच सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी. ऐसे में अब छात्रों के पास तैयारी के लिए सिर्फ आखिरी 24 घंटे बचे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय नई पढ़ाई से ज्यादा सही रणनीति और मानसिक संतुलन सफलता की कुंजी बन सकते हैं.
क्या नए चैप्टर पढ़ने की गलती नहीं करनी चाहिए?
परीक्षा से एक दिन पहले सबसे बड़ी सलाह यही है कि किसी भी नए टॉपिक या नए चैप्टर को पढ़ने की कोशिश न करें. इस समय दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालने से पहले से तैयार विषय भी कमजोर पड़ सकते हैं. छात्रों को अपने शॉर्ट नोट्स, हाइलाइट किए गए पॉइंट्स, NCERT के महत्वपूर्ण तथ्य, बायोलॉजी के डायग्राम, केमिस्ट्री के रिएक्शन और फिजिक्स के फॉर्मूलों का रिविजन करना चाहिए. जिन टॉपिक्स को पहले कई बार पढ़ा जा चुका है, उन्हें दोहराने से आत्मविश्वास बढ़ता है. आखिरी दिन का लक्ष्य नया सीखना नहीं बल्कि पहले सीखी गई चीजों को मजबूत करना होना चाहिए. यही रणनीति परीक्षा हॉल में सवालों को तेजी से हल करने में मदद करती है और अनावश्यक घबराहट को भी कम करती है.
टाइम मैनेजमेंट की आखिरी प्रैक्टिस कैसे करें?
NEET जैसी परीक्षा में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि समय का सही उपयोग भी बहुत महत्वपूर्ण होता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि परीक्षा से एक दिन पहले पूरा मॉक टेस्ट देने के बजाय पुराने मॉक टेस्ट की गलतियों का विश्लेषण किया जाए. छात्र यह देखें कि किस सेक्शन में ज्यादा समय लगा और कहां गलतियां हुईं. बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री के बीच संतुलित समय बांटने की रणनीति को दोबारा याद करें. यदि संभव हो तो कुछ प्रश्नों को निर्धारित समय में हल करने का अभ्यास करें. इससे स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बेहतर होती हैं. परीक्षा के दौरान मिलने वाले अतिरिक्त 15 मिनट का उपयोग भी महत्वपूर्ण है. इस समय में प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना, आसान और कठिन सवालों की पहचान करना और उत्तर देने की रणनीति तय करना बेहतर रहेगा.
क्या तनाव और ओवरस्टडी से बचना जरूरी है?
जैसे-जैसे परीक्षा का समय करीब आता है, कई छात्र घंटों तक लगातार पढ़ाई करने लगते हैं. विशेषज्ञ इसे बड़ी गलती मानते हैं. आखिरी दिन जरूरत से ज्यादा पढ़ाई करने से दिमाग थक सकता है और याद की हुई जानकारी भी भ्रमित हो सकती है. छात्रों को छोटे-छोटे ब्रेक लेने चाहिए, हल्का व्यायाम करना चाहिए और मोबाइल या सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी अफवाहों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
किसी भी सेंटर विवाद, पेपर लीक चर्चा या सोशल मीडिया बहस को लेकर तनाव लेने की जरूरत नहीं है. परीक्षा के दिन किन दस्तावेजों को साथ ले जाना है, एडमिट कार्ड, फोटो और पहचान पत्र जैसी चीजों की जांच पहले ही कर लें. इससे अंतिम समय की भागदौड़ और चिंता कम होगी.
अच्छी नींद और परीक्षा केंद्र की तैयारी क्यों जरूरी है?
परीक्षा से एक रात पहले पर्याप्त नींद लेना उतना ही जरूरी है जितना पढ़ाई करना. कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेने से दिमाग ताजा रहता है और एकाग्रता बेहतर होती है. सुबह जल्दी उठकर हल्का रिविजन करें और समय से परीक्षा केंद्र के लिए निकलें. चूंकि सुरक्षा जांच सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी, इसलिए देर करने से बचना चाहिए. ड्रेस कोड का पालन करना भी जरूरी है ताकि प्रवेश के समय किसी तरह की परेशानी न हो. हल्का और संतुलित भोजन करें तथा पर्याप्त पानी पिएं. याद रखें कि अब आपकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. आखिरी 24 घंटे में आत्मविश्वास बनाए रखना, मानसिक रूप से शांत रहना और शरीर को आराम देना ही सबसे बड़ी तैयारी है. यही छोटी-छोटी बातें परीक्षा के दिन आपके प्रदर्शन को बेहतर बना सकती हैं.








