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भोपाल: मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से हड़कंप, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस ने भी की चूक!

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भोपाल में मॉडल और साउथ इंडियन एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. घटना के छह दिन बाद भी परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है और इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रहा है. मृतका के परिजन आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह (रिटायर्ड जस्टिस) पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. ट्विशा और समर्थ डेटिंग एप के जरिए मिले थे दोनों की धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन शादी के 5 महीने बाद ही उसने खुदकुशी कर ली.

वहीं, पुलिस जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आत्महत्या में इस्तेमाल बताई जा रही नायलॉन बेल्ट पोस्टमार्टम के दौरान पेश नहीं की गई. अब बेल्ट को जांच के लिए एम्स भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है. दूसरी ओर, आरोपी सास द्वारा कोर्ट में ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है. आज समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं.

ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

लड़की के परिवार का आरोप है कि समर्थ का परिवार उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दे रहा था. ट्विशा का भाई भारतीय सेवा में मेजर है, परिवार के दबाव के बाद मृतका के ससुराल पक्ष के लोगों पर केस दर्ज किया गया. लेकिन उन्हें तुरंत अंतिम जमानत भी मिल गई, जिसका पीड़ित परिवार विरोध कर रहा है. फ्लैश आज समर्थ शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई है.

 

दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा परिवार

लड़की के परिवार की मांग है कि जमानत रद्द की जाए और इसका एक बार फिर से दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम किया जाए. मौत के 6 दिन भी जाने के बाद भी परिवार वालों ने अब तक ट्विशा डेड बॉडी मोर्चरी से नहीं ली है. लड़की का परिवार न्याय की गुहार लेकर भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी पहुंचा था. इसके अलावा ट्विशा संदिग्ध मामले में जांच के लिए SIT गठित कर दी गई है. ट्विशा का परिवार कैसे को उत्तर प्रदेश ट्रांसफर करने और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है.

ट्विशा मामले में भोपाल पुलिस की बड़ी चूक

जानकारी के अनुसार, भोपाल पुलिस ने पोस्टमार्टम के समय फांसी वाला बेल्ट एम्स हॉस्पिटल नहीं भेजा. हालांकि बाद में फांसी वाला बेल्ट भेजा गया. पीएम के समय बेल्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टर फांसी के साधन और गर्दन पर बने निशान का मिलान नहीं कर पाए. बेल्ट ना होने की वजह से लिगेचर मार्क का वैज्ञानिक मिलान और उसका माप भी नहीं हो सका. पीड़ित परिवार के मुताबिक, शाम 4 बजे दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन और कैंडिल मार्च निकाला जाएगा.

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