पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ हत्याकांड को लेकर बड़ा एक्शन हुआ है. दरअसल, चंद्रनाथ हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. डीआईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच करेगी. सीबीआई की टीम जांच के लिए आज ही पश्चिम बंगाल पहुंच जाएगी और पुलिस से जांच की जिम्मेदारी लेगी. बता दें कि इससे पहले, राज्य पुलिस ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.
टीएमसी ने भी की थी सीबीआई जांच की मांग
बता दें कि बंगाल के इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर प्रदेश में राजनीति भी गरमाई हुई है. अब ये मामला सीबीआई के पास पहुंच गया है. केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस हत्याकांड के पीछे की साजिश और आरोपियों की भूमिकी की जांच करेगी. बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी चंद्रनाथ रथ की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी. साथ ही टीएमसी ने इस हत्याकांड में पार्टी की किसी भी प्रकार की भूमिका से भी इनकार किया था.
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार
शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इन लोगों को उत्तर प्रदेश और बिहार से गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक आरोपी यूपी के बलिया और दो बिहार के रहने वाले हैं. तीनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी रात में ही कोलकाता लेकर पहुंची. सोमवार को तीनों आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया. बिहार के रहने वाले दो आरोपियों के नाम मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य है. जबकि बलिया का रहने वाले आरोपी का नाम राज सिंह है.
ऐसे पुलिस के चुंगल में फंसे चंद्रनाथ के हत्यारोपी
बता दें कि शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले के आरोपियों को पुलिस ने तब गिरफ्तार किया जब आरोपियों में से एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट किया. इसी से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस हत्याकांड में उनकी भूमिका की जांच के बारे में हर जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है.
कब हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ को 6 मई (बुधवार) रात करीब 10.10 बजे उस वक्त गोली मार दी गई. जब वे अपनी एसयूवी महिंद्रा स्कॉर्पियो से अपने घर जा रहे थे. वे कार की अगली सीट पर भेजे हुए थे. जैसे ही वे उत्तरी 24 परगना स्थित अपने घर से 200 मीटर से भी कम दूरी पर थे तभी उन्हें बेहद नजदीक से गोली मार दी गई. जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नजदीक के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. इस हत्याकांड का आरोप पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा. इसके बाद चंद्रनाथ की हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. लेकिन अब इस हत्याकांड की जांच सीबीआई के हाथ में सौंप दी गई है.








