भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या से पूरा बंगाल सदमे में है. चुनाव नतीजे आने के 48 घंटे के भीतर हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं. अब चंद्र की हत्या पर उनकी मां हासिरानी रथ ने जो कहा, आपको भावुक कर देगा. बेटे की मौत पर आंसू पोछते हुए मां ने कहा कि मैं चाहती हूं कि दोषियों को सजा मिले. मैं एक मां हूं इसलिए मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी हो.
रथ की मां ने कहा कि मैं उनके (हमलावरों) लिए आजीवन कारावास चाहती हूं. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि BJP सत्ता में आई. हमारे प्रदेश अध्यक्ष और नेता बार-बार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं लेकिन सत्ताधारी पार्टी के जो लोग तरह-तरह की भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे, उन्होंने ही किया है.
दी थी धमकी, दिल्ली के बाप नहीं बचा पाएंगे?
मां ने आगे कहा कि जो लोग कह रहे थे कि 4 तारीख के बाद दिल्ली के बाप भी हमें नहीं बचा पाएंगे… तो 4 तारीख के बाद उन्होंने वही कर दिखाया.
उन्होंने कहा कि अगर मेरे बेटे की मौत किसी दुर्घटना में हुई होती, तो मुझे इतना दुख नहीं होता. जिस तरह से बदमाशों ने मेरे बेटे को तड़पाकर मारा, ये सब तृणमूल की रची हुई कहानियां हैं. जब से सुवेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हराया है, मेरे परिवार को ऐसे खतरे का सामना करना पड़ रहा है.
चंद्रनाथ रथ को घेर कर मारा गया
सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ के हत्यारे दो दिन से रेकी कर रहे थे. पहले ड्राइवर को गोली मारी, इसके बाद 4 से 5 गोली चंद्रनाथ पर दाग दी. वह मध्यमग्राम में एक फ्लैट में रहते थे. यह दोहाड़िया इलाके की घटना है. हमलावर बाइक से आए थे. चंद्रनाथ रात में उस समय अपनी सफेद रंग की स्कार्पियो में बैठे थे. वह दोहाडिया की सकरी सड़क गुजर रहे थे तभी एक निशान कार उनकी कार के आगे खड़ी हो गई. चंद्रनाथ कुछ समझते उससे पहले हमलावरों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी.
चंद्रनाथ रथ कौन थे?
रथ का घर पूर्वी मिदनापुर में है. कुछ समय पहले उनके पिता का निधन हो गया था. वह अपने भाई, भाभी और मां के साथ रहते थे. अभी घर में 69 वर्षीय मां, छोटे बेटे, बहू और मिदनापुर में रहते है. एक मेधावी छात्र रहे रथ ने रामकृष्ण मिशन से पढ़ाई की थी. देश सेवा के लिए वह भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे. वीआरएस लेने के बाद वह सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़ गए.
वह सुवेंदु के साथ साए की तरह रहते थे. जब सुवेंदु तृणमूल में थे, उस वक्त भी रथ उनके साथ ही थे. तब वह तृणमूल कार्यकर्ता के तौर पर काम करते थे. 2020 दिसंबर में जब सुवेंदु ने तृणमूल छोड़कर बीजेपी जॉइन की तो रथ भी सुवेंदु के साथ बीजेपी में आ गए.
साल 2021 में सुवेंदु विरोधी दल के नेता बने. तब से रथ सुवेंदु के PA के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी मां स्थानीय पंचायत समिति की सदस्य रही हैं. अपने काम के चलते मध्यमग्राम में ही एक फ्लैट में रहते थे.








