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Kitchen Gardening: अपने घर के किचन गार्डन में ऐसे शुरू करें हल्दी की खेती, मसालों की खत्म हो जाएगी टेंशन

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आज के समय में हर एक चीज में मिलावट देखने को मिल जाती है, चाहे वह फल हो या सब्जी. हमारे खाने में डाले जाने वाले मसाले भी इससे अछूते नहीं हैं. हल्दी सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भरी होती है. इसमें करक्यूमिन (Curcumin) नामक तत्व पाया जाता है, जो सूजन कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. अच्छी बात यह है कि हल्दी की खेती बड़े खेतों तक सीमित नहीं है, इसे आप अपने घर के किचन गार्डन, गमले या छोटे से आंगन में भी आसानी से उगा सकते हैं. किचन गार्डनिंग का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोग अपने घरों में ताजी चीजें उगाकर उसका आनंद ले रहे हैं.

किचन गार्डनिंग के फायदे
किचन गार्डनिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको खेत की जरूरत नहीं होती. हल्दी जैसे मसालों को आप आसानी से बालकनी, छत या छोटे आंगन में उगा सकते हैं. इसके लिए 12 से 15 इंच गहरा गमला या ग्रो बैग काफी होता है. एक गमले में 2 से 3 गांठ लगाने पर भी इतनी हल्दी मिल जाती है कि घर की रोजमर्रा की जरूरत आराम से पूरी हो जाए.

घर पर कैसे करें इसकी खेती

  1. सही बीज का चुनाव है जरूरी
    हल्दी की खेती उसके बीज से नहीं, बल्कि गांठ (Rhizomes) से की जाती है. अच्छे उत्पादन के लिए 20 से 30 ग्राम वजन वाली मोटी और स्वस्थ गांठों का ही चयन करना सही माना जाता है.
  2. सही मिट्टी और गमला चुनें
    हल्दी की अच्छी पैदावार के लिए अच्छी ड्रेनेज और प्राकृतिक पदार्थों से भरपूर मिट्टी की जरूरत होती है. इसके लिए आप 50 प्रतिशत गार्डन सॉइल, 30 प्रतिशत गोबर खाद और 20 प्रतिशत रेत का मिश्रण ले सकते हैं. अगर गमले में पानी रुकता है, तो यह समस्या हो सकती है. सुनिश्चित करें कि गमले में ड्रेनेज होल जरूर हो.
  3. सही समय और लगाने का तरीका
    भारत में हल्दी लगाने का सबसे सही समय अप्रैल से जून के बीच माना जाता है. गांठों को 2 से 3 इंच गहराई में लगाएं. गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप और अच्छी रोशनी मिलती हो. ध्यान रहे कि बहुत तेज सीधी धूप पूरे दिन न पड़े, नहीं तो पौधा कमजोर हो सकता है.
  4. देखभाल करने का तरीका
    हल्दी को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन मिट्टी सूखनी भी नहीं चाहिए. इसलिए हफ्ते में 1 से 2 बार पानी देना पर्याप्त होता है. बारिश या ज्यादा नमी में पानी कम कर दें. हर 20 से 25 दिन में थोड़ी जैविक खाद (जैसे वर्मी-कंपोस्ट) डालने से पौधा तेजी से बढ़ता है.
  5. कब तैयार हो जाएगी आपकी हल्दी
    हल्दी की फसल को तैयार होने में करीब 7 से 9 महीने लगते हैं. जब पौधों की पत्तियां पीली होकर सूखने लगें, तो समझ लें कि हल्दी तैयार हो चुकी है. इसके बाद गांठ निकालकर साफ करें, उबालें और धूप में सुखा लें. सूखने के बाद इसे पीसकर पाउडर बना सकते हैं या ऐसे ही इस्तेमाल कर सकते हैं.
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Author: admin

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