महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शुक्रवार (30 दिसंबर) को पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पर जमकर बरसे. उन्होंने विधानसभा में कहा कि हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि हम बदले की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन अभिनेत्री कंगना रनौत और निर्दलीय सांसद नवनीत राणा के साथ क्या हुआ? शिंदे ने साथ ही कहा कि एमवीए सरकार के दौरान देवेंद्र फडणवीस (डिप्टी सीएम) को भी फंसाने की कोशिश की गई.
सीएम एकनाथ शिंदे ने इसके अलावा कहा कि बालासाहबे ठाकरे जो बोलते थे वो करते थे, लेकिन उनके बेटे उद्धव ठाकरे ने वीडियो मैसेज में कहने के बाद भी एमएलसी के पद से इस्तीफा नहीं दिया. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार (29 दिसंबर) को ही विधानपरिषद में शिंदे गुट की ओर से सरकार में मंत्री दीपक केसरकर से सवाल किया था कि इतने कुछ देने के बाद भी आप लोग हमारे खिलाफ जांच क्यों करा रहे हैं? बता दें कि एमवीए सरकार के दौरान कंगना रनौत के घर पर बीएमसी ने बुलडोजर चला दिया था. नवनीत राणा के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालिसा पढ़ने को लेकर काफी विवाद हुआ था.
कौन सा कानून लाने पर कर रहे हैं विचार
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा कि राष्ट्र पुरुष का अपमान करने वालों के खिलाफ सरकार कानून लाने पर विचार कर रही है. यह बात उन्होंने उस समय कही है जब हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का विरोध हुआ था. शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले, रोहित पवार सहित अन्य विधायकों ने भी सदन के बाहर कोश्यारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें हटाने की मांग की.
भगत सिंह कोश्यारी ने क्या कहा?
भगत सिंह कोश्यारी ने औरंगाबाद में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा था, “अगर कोई पूछता है कि आपका आइडल कौन है तो आपको किसी की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं है. आप उन्हें यह ही महाराष्ट्र में पाएंगे. छत्रपति शिवाजी महाराज अब पुराने आदर्श बन गए हैं. आप नए लोगों लोगों को आदर्श के रूप में देख सकते हैं.”









