गुजरात के किशन भरवाड हत्याकांड में एटीएस को कुछ और सुराग हाथ लगे हैं। एटीएस ने सोमवार शाम जमालपुर मस्जिद में तलाशी ली। उसे यहां भड़काऊ भाषणों की किताब, एयरगन और इसके छर्रे मिले हैं। पुलिस को शक है कि किशन की हत्या की साजिश इसी मस्जिद में की गई थी।
इस हत्याकांड में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें दो शार्प शूटर शब्बीर उर्फ शाबा चोपड़ा (25) और इम्तियाज पठान (27) को धंधुका से पकड़ा गया था, जबकि मौलवी अयूब को 27 जनवरी को अहमदाबाद से और मौलवी कमर गनी को 30 जनवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
सोमवार को सर्च करने पहुंची एटीएस टीम मौलवी अयूब के घर भी गई, लेकिन वहां ताला लगा हुआ था। उसकी बीवी और दोनों बेटे फरार हो गए हैं।
किशन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट करने का आरोप था
पुलिस के अनुसार गोलीबारी में मारे गए किशनभाई बोणिया (भरवाड) ने 6 जनवरी को सोशल मीडिया पर कोई विवादित पोस्ट की थी। इसको लेकर धंधुका मुस्लिम समाज ने स्थानीय थाने में फरियाद की थी। पुलिस ने इस मामले में किशन को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन उसे जमानत मिल गई।
किशन जमानत पर बाहर आया तो शब्बीर ने उसकी हत्या कर दी
आरोपी शब्बीर वारदात से 4-5 दिन पहले मौलाना अयूब से मिलने अहमदाबाद आया था। उसे किशन की हत्या के लिए हथियार चाहिए थे। अयूब ने एक पिस्टल और पांच कारतूस का इंतजाम कर दिया। शब्बीर 4-5 दिन तक किशन की रेकी करता रहा। 25 जनवरी को वह इम्तियाज के साथ बाइक से निकला। इम्तियाज बाइक चला रहा था और शब्बीर पीछे बैठा था। मौका मिलते ही शब्बीर ने मोढवाडा के नाके पर किशन पर दो गोलियां दाग दीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।









