ओटीटी पर अक्सर क्राइम थ्रिलर फिल्मों और सीरीज की कहानियों को काफी पसंद किया जाता है. इसमें कुछ सच्ची घटनाओं से भी प्रेरित होती है, तो वह चर्चा का विषय बन जाती हैं. ऐसे में इन दिनों ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ काफी सुर्खियों में है. इस सीरीज को लेकर जानकारी सामने आ रही है कि इस पर सरकार ने रोक लगा दिया है. ये ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर 27 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब रिलीज नहीं हो पाएगी. भारत सरकार ने 24 अप्रैल कि आज हाईकोर्ट को जानकारी दी है.
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज है, जिसके ऐलान के बाद पंजाब में घमासान मच गया. पंजाब सरकार की ओर से इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी. स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम ने सूचना प्रसारण मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने चिट्ठी में लिखा था कि ड्यूमेंट्री गैंगस्टरों को प्रमोट करती है. इसके साथ ही इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा बडिंग ने भी रोक लगाने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने एक जनहित याचिका भी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर की है.
सिद्धू मूसेवाला के पिता ने भी जताया विरोध
इतना ही नहीं, पंजाब सरकार के साथ ही मरहूम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बल्कौर सिंह ने भी इस डॉक्यूमेंट्री का विरोध किया है. इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल ने भी इस पर रोक लगाने की मांग की.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनी
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने लॉरेंस बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों पर बनी सीरीज का ना केवल विरोध जताया बल्कि गुणगान करने के खिलाफ चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा, ‘पंजाब के साथ गैंगस्टर का नाम जोड़कर इस पवित्र धरती को बदनाम न किया जाए.’ उन्होंने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ के खिलाफ ऐतराज भी जताया और कहा कि यह ना केवल गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देगी और उसका गुणगान करने की वजह से पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत का भी अपमान होगा. क्योंकि उनका मानना है कि गुरुओं, ऋषियों और पीरों की इस पवित्र धरती को एक खतरनाक गैंगस्टर के साथ जोड़ा जा रहा है.
याचिका में क्या कहा?
सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की और इसमें आरोप लगाया गया कि यह सीरीज गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन को गलत तरीके से पेश करती है. उनका मानना है कि यह युवाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है. याचिका में ओटीटी कंटेंट के लिए पूर्व-सर्टिफिकेशन की कमी और सख्त नियामक दिशानिर्देशों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है.
शिरोमणि अकाली दल ने भी किया विरोध
इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल ने भी लौरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री सीरीज का विरोध किया. अकाली दल नेता अर्शदीप कलेर ने कहा, ‘गैंगस्टर को लेकर एक फिल्म आ रही है जिसका नाम है लॉरेंस ऑफ पंजाब है. एक सोची समझी साजिश के तहत पंजाब को बदनाम किया जा रहा है.’ उनकी ओर से दावा किया गया कि इस सीरीज के जरिए दिखाया जा रहा है कि पंजाब का नौजवान गैंगस्टर है. जबकि पंजाब का गौरवपूर्ण इतिहास रहा. लेकिन, पंजाब को गैंगस्टर और नशे से जोड़ना ठीक नहीं है ऐसी साजिश कामयाब नहीं होगी.








