ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई है. एक तरफ वार्ता का दूसरा दौर रद्द होने के बाद तनाव बढ़ गया है, वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया है.
लगातार तीसरी बार ऐसी घटना सामने आई है, जब किसी कंटेनर शिप को निशाना बनाया गया है. पहले दो हमले जहां अमेरिका की ओर से किए गए थे, वहीं इस बार ईरान ने कंटेनर जहाज को निशाना बनाया है.
ओमान के पास जहाज पर हमला
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, ओमान के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की रिपोर्ट मिली है. यह घटना ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 15 समुद्री मील की दूरी पर हुई. एजेंसी के अनुसार, कंटेनर जहाज के कप्तान ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गनबोट जहाज के पास आई और उस पर फायरिंग की. इस हमले में जहाज के कंट्रोल रूम को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, किसी तरह की आग लगने या पर्यावरण को नुकसान होने की खबर नहीं है. जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं.
IRGC की चेतावनी- जहां कहेंगे, वहीं हमला करेंगे
ईरान के IRGC के एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैय्यद माजिद मौसवी ने कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन युद्धविराम के बाद इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई करता है और हद पार करता है, तो IRGC वहां हमला करेगी जहां जनता चाहेगी.
ईरान ने ट्रंप के फैसले को बताया ‘चाल’
ईरान की संसद के स्पीकर और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ के एक सलाहकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने के ऐलान को खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे “सरप्राइज अटैक” की तैयारी के लिए अपनाई गई चाल बताया. सलाहकार ने अमेरिकी नाकाबंदी के खिलाफ सैन्य जवाब देने की भी मांग की है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान इस कदम को उकसावे के तौर पर देख रहा है.








