कोच्चि पुलिस प्रमुख कालीराज महेश को उनके पद से हटा दिया गया है. यह कार्रवाई एक सड़क दुर्घटना मामले को कथित तौर पर गलत तरीके से संभालने के बाद की गई है. इस मामले में एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज का 17 वर्षीय बेटा शामिल था.
एक कार हादसे में जज के नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज-बेंज से एक स्कूटी को टक्कर मार दी. इस हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति, जयाबालकृष्णन की मौत हो गई. जयाबालकृष्णन के परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले को कमजोर करने के लिए साजिश रची गई थी.
देर रात कार चलाता था लड़का
पुलिस के अनुसार, 17 साल का बच्चा अक्सर गाड़ी चलाता था. वह देर रात कार लेकर निकला था ताकि सोशल मीडिया के लिए एक रील बना सके. आरोप है कि जज ने अपने बेटे के फोन से वह तेज कार चलाने वाले फुटेज डिलीट करवा दी थी. हालांकि, जांच टीम ने उसके मोबाइल फोन से फुटेज बरामद कर ली है, जिसमें दुर्घटना से कुछ समय पहले कार को तेज रफ्तार में चलते हुए देखा जा सकता था. पुलिस स्टेशन में खड़ी क्षतिग्रस्त मर्सिडीज और पूरी तरह से नष्ट हो चुकी स्कूटी से पता किया कि टक्कर के समय गाड़ी की रफ्तार बहुत अधिक रही होगी. यह कार 2012 का टर्बो डीजल मॉडल थी, जो पूरी तरह से ऑटोमैटिक थी.
पुणे हादसे से मिलता-जुलता मामला
कोच्चि का यह मामला मई 2024 में पुणे में हादसे से मिलता-जुलता है, जिसमें एक नाबालिग शामिल था. उस घटना में 17 वर्षीय लड़का तेज रफ्तार पोर्श कार चला रहा था, जिसने एक बाइक को टक्कर मार दी थी. इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई थी. उस मामले में भी नाबालिग को महज 15 घंटे के भीतर जमानत मिल गई थी. पुणे के एक बड़े रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे को जमानत देते समय यह शर्त रखी गई थी कि वह दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखेगा और अपनी शराब पीने की आदत के लिए इलाज कराएगा.
4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
कार हादसे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 4 अन्य पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया. इससे पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया. पुलिस रिकॉर्ड की जांच की और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विधानसभा में आश्वासन दिया था कि जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले को संभालने के तरीके को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए. शुरुआत में किशोर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और लापरवाही के कारण मौत का कारण बनने से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. हालांकि, बाद में उसे थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया था.







