उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीती 28 तारीख को तेज बारिश के दौरान नाले में छात्रा बह गई थी, जिसका शव 90 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद चारु कश्यप का शव काली नदी से बरामद हुआ है. शुक्रवार को एनडीआरएफ वापस लौट गई थी, लेकिन लोकल पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने सर्च ऑपरेशन जारी रखा और चावली गांव के पास नदी से शव खोज निकाला.
शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया
पुलिस ने शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वहीं शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. आपको बता दें, 28 तारीख को हुए दर्दनाक हादसे के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था. शव के मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस ने उसे तुरंत कब्जे में लेकर आनन-फानन में पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस घटना के बाद से ही चारु के परिजन अनहोनी की आशंका को लेकर परेशान थे. 90 घंटे बाद जैसे ही चारु का शव बरामद होने की खबर परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया और परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े. फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी है.
28 जुलाई को हुआ था ये हादसा
यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र की है. 28 जुलाई को बारिश के दौरान कक्षा 4 की 11 वर्षीय छात्रा चारु कश्यप स्कूल से घर लौट रही थी. इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई. इस बारिश से बचने के लिए वह खुले नाले की पटिया पर खड़ी हो गई, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया. देखते ही देखते मासूम नाले के तेज बहाव में बह गई. सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई. जिसके बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू हुआ. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
चार अधिकारियों पर गिरी थी गाज
वहीं, इस मामले में लापरवाही मानते हुए शासन ने नगर पालिका परिषद के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया, उनमें अमित कुमार, अवर अभियंता (सिविल), कपिल मोहन, अवर अभियंता (सिविल), वर्षा रानी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक और राजेंद्र सिंह, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक शामिल हैं.








