ईरान के साथ सीजफायर पर बात भले बन गई हो, लेकिन लेबनान पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. पाकिस्तान में आज (10 अप्रैल) को ईरान-अमेरिका के बीच शांति को लेकर होने वाली बातचीत से पहले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, 40 दिनों की लड़ाई के बाद एक अहम सीजफायर हुआ है. ऐसे समय में अमेरिका इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रक्रिया को खत्म करने की इजाजत न दे.
‘हम तैयार हैं’ – अराघची
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री अराघची ने कहा, ‘नेतन्याहू का ‘क्रिमिनल ट्रायल’ रविवार को फिर से शुरू हो रहा है. लेबनान समेत पूरे इलाके में सीजफायर करने से उन्हें जेल भेजने में तेजी आएगी.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘अगर अमेरिका पीएम नेतन्याहू को डिप्लोमेसी खत्म करने देता है तो यह आखिरकार उसकी मर्जी होगी. हमें लगता है कि यह बेवकूफी होगी, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं.’
लेबनान पर इजरायल के हमले जारी
अराघची का यह बयान सीजफायर के बाद भी लेबनान में इजरायल की ओर से किए जा रहे हमलों को लेकर आया है. इजरालय के प्रधानमंत्री ने कहा कि लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है और इजरायली सेना हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेगी. इस बात पर ईरान और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है. सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान पर बहुत बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए. गुरुवार को इजरायली सेना ने बेरूत क्षेत्र में हमला कर हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के पर्सनल सेक्रेटरी और भतीजे अली यूसुफ हर्षी को मार गिराने का दावा किया.
अराघची ने सीजफायर पर की चर्चा
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयानों के हवाले से बताया कि गुरुवार को भी अराघची ने अपने रूसी, फ्रेंच, स्पैनिश और जर्मन समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन कॉल पर सीजफायर पर चर्चा की. अराघची ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से कहा कि ईरान ने जिम्मेदारी भरा रवैया अपनाया है और अगर अमेरिका अपने वादे पूरे करता है तो सीजफायर के तहत दो हफ्ते के लिए वादा के तहत होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा.
इजरायल के खिलाफ कार्रवाई की अपील
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ एक कॉल में अराघची ने इजरायली सीजफायर उल्लंघन और लेबनान पर हमलों पर अफसोस जताया. इसके साथ ही उन्होंने इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की अपील की. बैरोट ने सीजफायर का स्वागत किया और लेबनान के खिलाफ इजरायली हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर दिया. स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने ईरान पर हुए हमलों को “गैर-कानूनी” बताया और सभी पार्टियों से डिप्लोमैटिक रास्ते पर बने रहने की अपील की.









