अफगानिस्तान से हर हमले का करार जवाब मिलने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. हताश पाकिस्तान ने अब अफगान-पाक जंग में भारत को घसीटता है. पाकिस्तानी सेना के DG-ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि अफगान तालिबान की ओर से किए गए हालिया हमलों में भारतीय ड्रोन का इस्तेमाल हुआ. हालांकि पाकिस्तान ने इस दावे का कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया.
उधर, अफगानिस्तान में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने ईद-उल-फितर के मौके पर कंधार के ईदगाह में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को सीधे और सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि तालिबान किसी भी सैन्य धमकी या हमले से डरने वाला नहीं है और दबाव की रणनीति उनके रुख को बदल नहीं सकती.
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष निशाना
अखुंदजादा ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एयरस्ट्राइक, गोलाबारी या किसी भी तरह के दबाव से तालिबान नहीं झुकता. उनका कहना था कि अगर तालिबान डरने वाला होता, तो NATO और पश्चिमी देशों के खिलाफ लंबे युद्ध में टिक ही नहीं पाता. इस बयान से यह साफ है कि तालिबान खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वासी मान रहा है.
सीमा पर तनाव बढ़ा
तालिबान के इस बयान के समय पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ चलाया था, जिसे ईद के कारण कुछ समय के लिए रोका गया. पाकिस्तान ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह रोक अस्थायी है और किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा.
सीजफायर उल्लंघन और हमले
हालांकि, पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई रोक दी थी, इसके बावजूद सीजफायर उल्लंघन की खबरें सामने आई हैं. इसी सप्ताह पाकिस्तान के एक अस्पताल पर हमला हुआ, जिसमें लगभग 400 लोग मारे गए.
तालिबान के आरोपों को खारिज किया
पाकिस्तान ने तालिबान के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया है. पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने कहा कि तालिबान ऐसे आरोप लगाकर अपने कदमों को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है. जबकि हकीकत यह नहीं है.









