Search
Close this search box.

सीक्रेट बेस और साइलेंट मिशन, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने मिग-29 में भरी उड़ान, दिखाई भारत की ताकत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने गुरुवार को मिग-29 यूपीजी  multi role लड़ाकू विमान की single sortie भरते हुए वायुसेना की युद्धक तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) के एक महत्वपूर्ण बेस की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की. सुरक्षा कारणों के चलते मिग-29 की उड़ान और संबंधित बेस का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है.

वायुसेना प्रमुख की इस उड़ान को अग्रिम ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और मिशन तत्परता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. उड़ान पूरी करने के बाद एयर चीफ मार्शल सिंह ने बेस पर मौजूद वायुसेना के पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की और देश की सेवा में उनके योगदान की सराहना की. यह संवाद वायुसेना की परंपरा, अनुभव और नई पीढ़ी के बीच निरंतरता को दर्शाता है.

क्या है मिग-29 

मिकोयान मिग-29 एक ट्विन-इंजन लड़ाकू विमान है, जिसे सोवियत संघ ने विकसित किया था. भारतीय वायुसेना ने लगभग चार दशकों से सेवा दे रहे अपने मिग-29 बेड़े को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया था, जिसके तहत इन्हें उन्नत एवियोनिक्स, आधुनिक रडार और हवा में ईंधन भरने की क्षमता से लैस किया गया है. मिग-29 का विकास 1970 के दशक में हुआ था और इसे 1980 के दशक में वायुसेना में शामिल किया गया. इसे मूल रूप से अमेरिकी एफ-16 जैसे विमानों की चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया था.

मिग-29 की खासियत

उन्नत मिग-29 चौथी पीढ़ी का वायु श्रेष्ठता लड़ाकू विमान है, जो हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन दोनों प्रकार के हथियारों के साथ सटीक मारक क्षमता रखता है. यह विमान लगभग 2465 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति (मैक 2.35) हासिल कर सकता है और 17,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है. इसकी चढ़ाई दर करीब 330 मीटर प्रति सेकंड है, जो इसे तेज प्रतिक्रिया और गतिशील युद्ध परिस्थितियों में प्रभावी बनाती है.

admin
Author: admin

और पढ़ें