तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को एक बार फिर से जांच एजेंसी (SIT) की ओर से नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 160 के तहत यह निर्देश दिया है कि वह 1 फरवरी, 2026 को दोपहर 3 बजे अपने हैदराबाद स्थित नंदीनगर आवास पर मौजूद रहें.
जांच एजेंसी ने केसीआर द्वारा यर्रावेल्ली में पूछताछ कराने की मांग को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि यह पूछताछ केवल उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज पते पर ही होगी. 30 जनवरी को जारी इस आधिकारिक पत्र में एसआईटी अधिकारियों ने कहा है कि प्रकरण संख्या 243/2024 के संबंध में उन्हें साक्ष्य के रूप में शामिल किया जा रहा है. नोटिस में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक रिकॉर्ड अत्यंत संवेदनशील हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें यहां से कहीं और ले जाना संभव नहीं है.
अधिकारियों ने क्या कहा
अधिकारियों ने कहा कि हालांकि केसीआर की उम्र और स्वास्थ्य का ध्यान रखा गया है, लेकिन रिकॉर्ड की प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपने हैदराबाद आवास पर आना होगा. यह भी कहा गया कि पुलिस स्टेशन के पास उपस्थित होने की पिछली बाध्यता को उनके आवास पर जांच करने के लिए शिथिल किया गया है, लेकिन स्थान बदला नहीं जाएगा.
जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर केसीआर ने क्या कहा
इससे पहले केसीआर की ओर से उनके प्रतिनिधियों ने 29 जनवरी को जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर यर्रावेल्ली (V) मारकूक (M) में जांच कराने की मांग की थी. हालांकि जांच एजेंसी ने अपनी ओर से दो बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि आधिकारिक दस्तावेजों में जांच का स्थान हैदराबाद ही दर्ज है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे बदलना उचित नहीं होगा. नोटिस पर जुबिली हिल्स डिवीजन के एसीपी (ACP) और जांच अधिकारी के हस्ताक्षर हैं.
अब सभी की निगाहें 1 फरवरी को होने वाली इस कार्रवाई पर टिकी हैं. यह नोटिस उस समय आया है जब राज्य में राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है. जांच एजेंसी का यह कदम यह दर्शाता है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए किसी भी तरह की राजनीतिक दबाव या सुविधा को नजरअंदाज करने के मूड में हैं. अब देखना है कि केसीआर इस नोटिस के बाद क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे अपनी यर्रावेल्ली में पूछताछ की मांग पर अडिग रहते हैं या एजेंसी के निर्देशों का पालन करते हैं.








