लखनऊ में जबरन धर्मांतरण मामले के आरोपी डॉ रमीज को लेकर जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, उसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. डॉ रमीज का दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ परवेज़ अंसारी से भी कनेक्शन सामने आया है. जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. दोनों न केवल एक दूसरे को जानते थे बल्कि एक समय पर एक ही कॉलेज में मौजूद भी रहे.
जांच एजेंसियों के मुताबिक जिस वर्ष डॉ. रमीज ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया, उसी वर्ष दिल्ली बम धमाके के आरोपी डॉ. परवेज ने भी इसी कॉलेज में एमडी में दाखिला लिया था. ये दोनों एक समय पर एक ही कॉलेज में मौजूद थे जहां दोनों को मुलाकात भी हुई.
परवेज के साथ बनाया ‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप
आरोप है कि डॉ रमीज ने परवेज अंसारी के साथ मिलकर ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था. आरोप है कि इस ग्रुप के जरिए मुस्लिम छात्रों को संगठित करने और टॉपर छात्राओं को फंसाकर उनका मतांतरण करने की साजिश की जाती थी.
जाँच एजेंसियों के मुताबिक इस ग्रुप का विस्तार लखनऊ के केजीएमयू तक पहुंचा और यहां भी इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप को बनाया गया और उसमें सभी मुस्लिम छात्रों को जोड़कर एक मंच पर लाने की कोशिश की गई. इसके जरिए उनके ब्रेन वाश और अन्य गतिविधियों को अंजाम दिया गया.
एसएन कॉलेज में एसटीएफ ने की जांच
इसी मामले की जांच के तहत STF की टीम आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची. STF ने कॉलेज से वर्ष 2012 से अब तक के सभी जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का 13 साल का पूरा रिकॉर्ड तलब किया. डॉ. रमीज और डॉ. परवेज दोनों ने एसएन मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की थी, इसलिए STF का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है.
STF की स्थानीय यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल अंकित गुप्ता कॉलेज पहुंचे. अधिकारियों ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है. STF के मुताबिक, रिकॉर्ड मिलने के बाद डॉ. रमीज की पूरी प्रोफाइल तैयार की जाएगी.








