Search
Close this search box.

पोंगल त्योहार क्या होता है? PM मोदी ने केंद्रीय मंत्री के घर पहुंचकर मनाया, बोले- ‘तमिल दुनिया की प्राचीन सभ्यता’

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

14 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल समारोह में हिस्सा लिया. PM मोदी ने पारंपरिक तरीके से पूजा की, आरती उतारी और गाय को भोजन कराया. वे करीब एक घंटे तक वहां रुके.

केंद्रीय मंत्री के घर 1 घंटा रुके PM मोदी

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के घर पोंगल समारोह में मुख्य रूप से नए चावल से वेन पोंगल (नमकीन) और सक्करई पोंगल (मीठा) बनाए गए. इनके साथ नारियल चटनी, सांभर, वड़ा, पायसम, केला और मौसमी फल परोसे गए. इस मौके पर PM मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है, जो सदियों को जोड़ती है.

पोंग्ल वैश्विक त्योहर बन गया: मोदी

पोंगल त्योहर की अहमियत पर बात करते हुए PM मोदी ने कहा, ‘पोंगल अब एक वैश्विक त्योहर बन चुका है. पूरी दुनिया में तमिल समुदाय और जो लोग तमिल संस्कृति को पसंद करते हैं, इसे बहुत उत्साह से मनाते हैं. मुझे उनमें से एक होने पर गर्व है.’

PM मोदी ने आगे कहा कि पोंगल हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का महत्व सिखाता है. यह किसानों की कड़ी मेहनत का जश्न है और हमें धरती, मिट्टी की सेहत, जल संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की याद दिलाता है. उन्होंने मिशन लाइफ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और अमृत सरोवर जैसे अभियानों का जिक्र किया, जो पर्यावरण संरक्षण की इसी भावना को आगे बढ़ाते हैं.

PM मोदी ने पिछले एक साल में तमिल संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रमों का जिक्र किया, जैसे गंगईकोंड चोलपुरम के 1000 साल पुराने मंदिर में दर्शन, काशी तमिल संगमम और रामेश्वरम में पंबन ब्रिज उद्घाटन.

पोंगल उत्सव क्या है?

पोंगल त्यौहार मुख्य रूप से 14 से 17 जनवरी तक मनाया जाता है, जिसमें भोगी पोंगल, सूर्य पोंगल (थाई पोंगल- मुख्य दिन), मट्टू पोंगल (गाय-बैलों की पूजा) और कानूम पोंगल शामिल हैं. यह मकर संक्रांति के आसपास आता है और भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं का प्रतीक है. यह तमिलनाडु का प्रमुख फसल उत्सव है, जो प्रकृति, सूर्य देव, पशुधन और किसानों के लिए आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है.

पोंगल के दौरान मुख्य रूप से नए चावल से पारंपरिक व्यंजन पकाए जाते हैं. इनमें मीठा नमकीन शामिल होते हैं. इनके साथ नारियल चटनी, सांभर, वड़ा, पायसम, केला और मौसमी फल परोसे जाते हैं. मीठी और नमकीन को परंपरा के मुताबिक खुली जगह में मिट्टी के बर्तन में पकाया जाता है. दूध-चावल के उफनने को समृद्धि का शुभ संकेत माना जाता है.

admin
Author: admin

और पढ़ें

Ajit Pawar Baramati Plane Crash: भीषण विमान अपघातात उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे निधन; राजकारणातील ‘दादा’ पर्वाचा बारामतीत करुण अंत; उद्या विद्या प्रतिष्ठानमध्ये दादांना अखेरचा निरोप, पीएम मोदी, अमित शाह उपस्थित राहणार

Ajit Pawar Baramati Plane Crash: भीषण विमान अपघातात उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे निधन; राजकारणातील ‘दादा’ पर्वाचा बारामतीत करुण अंत; उद्या विद्या प्रतिष्ठानमध्ये दादांना अखेरचा निरोप, पीएम मोदी, अमित शाह उपस्थित राहणार