Search
Close this search box.

CJP का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन से पहले बयान, सौरभ दास बोले- ‘हर किसी को…’

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा है कि देश में बदलाव तभी संभव है, जब हर व्यक्ति इसमें अपनी भूमिका निभाए. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सबसे खराब बात यह हुई कि समाज के एक हिस्से को लगा कि देश की जिम्मेदारी सिर्फ उसी के पास है. दास के मुताबिक, युवाओं ने इस सोच को बदलने का काम किया है और अब देश में हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है.

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “पिछले 12 वर्षों में सबसे खराब बात यह हुई कि एक वर्ग को लगा कि देश का ठेका सिर्फ उसी के पास है. युवाओं ने इसे बदल दिया है. इस देश में हर किसी का ठेका है और इसलिए व्यवस्था बदलने के लिए हर व्यक्ति की कोशिश जरूरी है.” उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है.

‘हमारे प्रदर्शन में जो भी आए, सबका स्वागत’

सौरव दास का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना विरोध तेज किया है. संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है. सीजेपी ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसा प्रदर्शन किया जाएगा.

दास ने अपने बयान में इस अभियान को केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का मुद्दा बनाने के बजाय लोगों की भागीदारी से जोड़ने की बात कही. उनका कहना है कि व्यवस्था में बदलाव की कोशिश तभी आगे बढ़ सकती है, जब ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी आवाज उठाएं.

चुनाव व्यवस्था पर सवालों को लेकर सीजेपी का अभियान

सीजेपी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए हैं. संगठन ने दावा किया है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है. इन मुद्दों को लेकर संगठन ने ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ अभियान शुरू करने की भी बात कही है.

पहले भी प्रदर्शन कर चुका है सीजेपी

सीजेपी इससे पहले नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुका है. इसके बाद संगठन ने सरकारी स्कूलों और ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी अभियान चलाने की बात कही. अब चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को लेकर संगठन ने अपना अभियान आगे बढ़ाया है.

सौरव दास के बयान का मुख्य संदेश यही है कि व्यवस्था में जवाबदेही और बदलाव की मांग केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उनके मुताबिक, देश में बदलाव के लिए युवाओं समेत हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है और उनके प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत किया जाएगा.

admin
Author: admin

और पढ़ें