लखीसराय जिला में 17 अगस्त, 2026 दिन सोमवार की सुबह प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में एक हादसा हो गया. मंदिर परिसर में बिजली का करंट फैलने की अफवाह की वजह से श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई. बैरिकेडिंग टूटने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की वजह से स्थिति अनियंत्रित हो गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई. साथ ही कई लोग गंभीर रूप से जख्खी हो गए हैं.
1. मंदिर में करंट फैलने की अफवाह
घटना अशोक धाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले रास्ते पर हुई है. बताया जा रहा है कि बीती रात इस रास्ते पर बिजली का खंभा तार समेत गिर गया था. वहीं, जब सोमवार की सुबह मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवड़ियों पहुंचे. इस बीच पोल में करंट प्रवाहित होने की अफवाह फैल गई. इसके बाद अफरातफरी मच गई.
2. भारी भीड़ का दबाव
सावन के मुख्य दिन मंदिर परिसर में सोमवार सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की कतारें लगी थी. गर्भगृह तक पहुंचने के लिए बनाई गई अस्थायी लेन और बैरिकेड्स पहले से ही क्षमता से अधिक दबाव में थे. इस वजह से मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी. इसी दौरान अफवाह फैली और भगदड़ मच गई. भगदड़ की स्थिति में लोग इधर-उधर भागने लगे.
3. बैरिकेडिंग टूटी और मची भगदड़
बताया जा रहा है कि जब मंदिर में करंट फैलने अफवाह उड़ी, तो वहां पर भगदड़ मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे. दहशत के माहौल में श्रद्धालुओं ने सुरक्षित निकलने की कोशिश में बैरिकेड्स पर जोर लगाया और वह टूट गया. इसके बाद जो जहां था, वहीं गिर पड़ा और पीछे से आ रही बेकाबू भीड़ उनके ऊपर से गुजरने लगी.
4. जिला प्रशासन की लापरवाही
दरअसल, सावन के महीने में अशोक धाम मंदिर में लाखों की भीड़ उमड़ती है. इसके बावजूद सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. मुख्य निकास गेट की कमी और संकरे रास्तों ने स्थिति को भयावह बना दिया. अफवाह फैलने पर स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल की मुस्तैदी नहीं पाई गई.
5. अफवाह बना हादसे की वजह
अचानक कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह उड़ गई कि लोहे की बैरिकेडिंग में बिजली का करंट दौड़ रहा है. इस झूठी खबर से भीड़ में खलबली मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.







