मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला मामले में कोर्ट के आदेश के बाद धार प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष की नमाज के लिए जो जगह तय की थी, समुदाय के लोगों ने वहां नमाज पढ़ने से इनकार कर दिया. दरअसल, प्रशासन ने परिसर से करीब एक किलोमीटर दूर 40 पीर के पास नमाज की जगह चिन्हित की थी. वहीं मुस्लिम पक्ष तय की हुई जमीन से संतुष्ट नहीं हुआ और उस जमीन पर नमाज पढ़ने से इनकार कर दिया.
कोर्ट के आदेश के बाद अगली सुनवाई यानी 1 अगस्त तक शुक्रवार को नमाज के लिए जगह चिन्हित करने का सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने नमाज के लिए वैकल्पिक जगह का दिया था निर्देश
बता दें कि भोजशाला विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई 2026 के आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई. मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है. अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए शुक्रवार की नमाज के लिए परिसर के बाहर वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था.
हिंदू पक्ष के लोगों ने क्या कहा?
इससे पहले हिंदू पक्ष के लोग जिला कलेक्टर पहुंचे और उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें उनका तर्क था कि उन्हें नमाज से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन नमाज का स्थान भोजशाला से कम से कम 300 मीटर की दूर होना चाहिए.
वहीं इसके बाद करीब 01:45 बजे मुस्लिम पक्ष के लोग जिसमें धार के सदर और शहर काजी के साथ तमाम मुस्लिम समाज से जुड़े लोग कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और धार कलेक्टर और SP से राय शुमारी की कोशिश की गई. प्रशासन ने 40 पीर के आसपास जो की बहुत भोजशाला के करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर है उस स्थान को सुनिश्चित किया है.
मुस्लिम पक्ष को दे दी थी जानकारी- प्रशासन
प्रशासन का कहना है कि हमनें मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए चिन्हित किए गए स्थान की जानकारी दे दी है और करीब 01:45 पर मुस्लिम पक्ष को इस बारे में जानकारी दे दी गई है, अब वहां पर आज नमाज पढ़नी है या नहीं यह मुस्लिम पक्ष के लोगों को तय करना है.
मुस्लिम पक्ष ने जताई आपत्ति
इस दौरान जो जगह जिला प्रशासन द्वारा मुस्लिम पक्ष को बताई गई उसको लेकर करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई, मंथन हुआ मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई जगह पर आपत्ति दर्ज कराई है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह चिन्हित की गई जगह पर नमाज नहीं पड़ेंगे.
कोर्ट के तरीके को गलत तरीके से किया गया पेश
मुस्लिम पक्ष चाहता है कि परिसर के आंगन में या परिसर से सटी हुई किसी जगह पर ही नमाज पढ़ने की व्यवस्था होनी चाहिए, हम नमाज पढ़ने नहीं जाएंगे, कोर्ट के आदेश का गलत तरीके से पेश किया गया है, हम कोर्ट में अपनी बात रखेंगे, हमारे साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है और हमारे नमाज के अधिकार को चुना गया है और हमें जगह के बारे में देर से जानकारी दी गई.
शहर में शांति कायम- एसपी
वहीं धार के एडिशनल एसपी विजय कुमार डावर ने बताया कि शहर में पूरे तरीके से शांति स्थापित है, पुलिस किसी भी अपनी घटना को रोकने के लिए पूरे शहर में तैनात की गई है. शांति व्यवस्था बनी हुई है.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंदिर में हो रही पूजा
हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और संस्कृत अध्ययन केंद्र माना था और वही व्यवस्था फिलहाल प्रभावी बनी हुई है. पिछले लगभग दो महीनों से सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना लगातार चल रही है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यह व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी.








