केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों (चालकों) के साथ संवाद किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में सहकारिता क्षेत्र सबसे अहम है और जो मेहनत करेगा, मुनाफा भी उसी को मिलेगा.
अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में भारत का पहला कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च किया था. यह देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस है, जिसका मकसद ड्राइवरों को सीधा फायदा पहुंचाना है. कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों से खुलकर बातचीत की और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना. उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है.
सहकारिता का मतलब समझेंगे तो सवाल खत्म हो जाएंगे
अमित शाह ने कहा, “अगर आप सहकारिता की सोच और तरीके को ठीक से समझ लेंगे, तो ऐसे सवाल उठेंगे ही नहीं. सहकारिता का मतलब है मिलकर काम करना और मिलकर लाभ कमाना. अमूल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. गुजरात की 36 लाख माताएं और बहनें इसकी सदस्य हैं. यह एक सहकारी संस्था है, जिसे आम लोगों ने मिलकर खड़ा किया है. इन 36 लाख माताओं और बहनों ने शुरुआत में सिर्फ 50-50 रुपये लगाकर अमूल को बनाया. धीरे-धीरे और महिलाएं जुड़ती गईं और यह संस्था मजबूत होती चली गई.”
उन्होंने आगे कहा, “आज यही 36 लाख माताओं और बहनों की सहकारी संस्था करीब 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही है. यह दिखाता है कि जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है. मैं सहकारिता विभाग से आग्रह करूंगा कि वो उन 25 माताओं-बहनों की एक लिस्ट हमारी वेबसाइट पर रखेंगी. जिन्होंने एक साल में ₹1 करोड़ से ज्यादा का दूध डेयरी को दिया है, यानी उनकी आय ₹1 करोड़ से ज्यादा है.”
‘मालिक आप ही हैं’
अमित शाह ने कहा, “कंपनियां चलाने का उद्देश्य मालिक को धनी बनाना होता है. हमारा उद्देश्य भी मालिक को समृद्ध बनाना है. फर्क बस इतना है कि यहां मालिक कोई और नहीं, बल्कि आप स्वयं हैं. आपको केवल 500 रुपये लगाने हैं. मान लीजिए तीन साल बाद भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो उसमें से 20 प्रतिशत यानी 5 करोड़ रुपये आपकी पूंजी के रूप में संस्था के खाते में जमा होंगे. बाकी 80 प्रतिशत रकम इस आधार पर बांटी जाएगी कि किसने कितने किलोमीटर गाड़ी चलाई.” उन्होंने कहा, “इसका मतलब यह है कि आपको तय किराया तो मिलेगा ही, लेकिन आप मालिक हैं, इसलिए लाभ में भी आपका हिस्सा होगा. यह हिस्सा आपको मिलेगा, पर पहले तीन साल थोड़ा धैर्य रखना पड़ेगा.”
‘निजी कंपनी नहीं, लोगों को मजबूत करने का प्रयास’
अमित शाह ने कहा , “भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह केवल लाभ कमाना नहीं है, बल्कि लोगों को मजबूत बनाना है. सभी खाते साफ और पारदर्शी रहेंगे. आपको हर जानकारी समय से पहले दे दी जाएगी. यह व्यवस्था निजी कंपनी की तरह नहीं, बल्कि सहकारिता के सिद्धांतों पर चलेगी. भारत टैक्सी कभी भी आपका शोषण नहीं करेगी.
‘पांच बड़ी सहकारी संस्थाओं से हुई शुरुआत’
गृहमंत्री ने कहा, “हमारे पास इतनी बड़ी पूंजी नहीं है कि अकेले इतनी बड़ी संस्था खड़ी कर दें. इसलिए हमने देश की पांच बड़ी सहकारी संस्थाओं को मिलाकर इसकी शुरुआत की है. जैसे-जैसे आपकी संख्या बढ़ेगी, जो भी सारथी इसमें भागीदार बनना चाहेगा, वह 500 रुपये का अंश लेकर इसका मालिक बन सकेगा. जब भारत टैक्सी के निदेशक मंडल का चुनाव होगा, तब उसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी तय किए जाएंगे. वे आपके हितों की पूरी चिंता करेंगे.
‘तय दर से कम नहीं होगा किराया’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत टैक्सी कुछ भी छिपाकर नहीं रखेगी. हर जानकारी आपको एक सप्ताह पहले सूचना के माध्यम से दे दी जाएगी. आपकी जो न्यूनतम किराया दर तय होगी, लाभ उसी के ऊपर जोड़ा जाएगा. हम कभी भी मूल दर से नीचे नहीं जाएंगे.”








