ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली नई परमाणु वार्ता से कुछ घंटे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान सिद्धांतों पर आधारित कूटनीति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह नई दौर की बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में शुरू होने वाली है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अराघची ने लिखा, “ईरान खुली आंखों के साथ और बीते एक साल की यादों को ध्यान में रखते हुए बातचीत करने जा रहा है.” उन्होंने आगे कहा, “हम पूरी ईमानदारी से बातचीत कर रहे हैं और अपने अधिकारों पर मजबूती से खड़े रहेंगे.” ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि किसी भी समझौते के लिए वादों को निभाना जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘बराबरी का दर्जा, आपसी सम्मान और आपसी हित कोई दिखावटी बातें नहीं हैं, बल्कि ये एक टिकाऊ समझौते की बुनियाद और जरूरी शर्तें हैं.’
दोनों देशों के बीच बढ़ गया है तनाव
जून 2025 में 12 दिन चलने वाले इजरायल और ईरान के संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया. इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ बड़े परमाणु ठिकानों पर बमबारी भी की थी. हाल के महीनों में ईरान ने देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती दिखाई और हिंसक कार्रवाई की. ईरान चाहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दों और उस पर लगे प्रतिबंधों तक ही सीमित रहे, लेकिन अमेरिका चाहता है कि बातचीत में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और उसके क्षेत्रीय कामकाज पर भी बात हो.
अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. कई परोक्ष बातचीत के बाद अब आमने-सामने की बातचीत होने जा रही है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि तनाव कम होगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसपर बारीकी से नजर रखे हुए है क्योंकि इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता, ग्लोबल ऊर्जा बाजार और परमाणु हथियार फैलने को रोकने के प्रयासों पर पड़ सकता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए अच्छा समय नहीं है.








