Search
Close this search box.

ट्रंप के सिर चढ़ा सत्ता का नशा, वेनेजुएला के बाद अब इन दो देशों को दी युद्ध की धमकी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को अपनी बड़ी कामयाबी बताने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ ज्यादा ही बेताब नजर आ रहे हैं. अपने हालिया बयान में ट्रंप ने दो देशों को खुले तौर पर धमकी दी है, जिनमें से एक अमेरिका का पुराना और भरोसेमंद सहयोगी है. ट्रंप ने न सिर्फ ग्रीनलैंड पर दावा ठोका, बल्कि कोलंबिया को लेकर भी सख्त लहजे में बात कर संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

‘हमें ग्रीनलैंड चाहिए’ – ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और यह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ से जुड़ा मामला है. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड इस समय बेहद रणनीतिक इलाका है, जहां रूसी और चीनी जहाजों की मौजूदगी है. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि डेनमार्क ग्रीनलैंड को संभाल नहीं सकता.

NATO सहयोगी डेनमार्क पर सीधी नजर
ट्रंप का यह बयान इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि ग्रीनलैंड अमेरिका का नहीं, बल्कि डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है. डेनमार्क अमेरिका का पुराना NATO सहयोगी है. ट्रंप ने दावा किया कि यूरोपीय संघ भी चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में ले ले, हालांकि इस दावे की यूरोप से कोई पुष्टि नहीं हुई है.

यूरोप में खतरे की घंटी
ट्रंप की टिप्पणी के बाद यूरोप में चिंता बढ़ गई है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका को अपने ‘ऐतिहासिक सहयोगी’ को धमकाना बंद करना चाहिए. उन्होंने ट्रंप के बयान को अस्वीकार्य बताया.

ग्रीनलैंड PM का दो टूक जवाब
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने भी ट्रंप के बयान को अपमानजनक करार दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘हमारा देश बिक्री के लिए नहीं है.’ उनके बयान से साफ है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावे को वहां की सरकार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी.

अमेरिकी अधिकारी की पत्नी की पोस्ट से बढ़ा बवाल
विवाद को और हवा तब मिली जब ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड की एक तस्वीर साझा की, जिसमें उसे अमेरिकी झंडे के रंगों में दिखाया गया था. तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, ‘जल्द ही.’ इस पोस्ट को यूरोप में धमकी के तौर पर देखा जा रहा है.

क्या NATO का आर्टिकल 5 लागू होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिश करते हैं, तो क्या NATO का आर्टिकल 5 लागू होगा. इस अनुच्छेद के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाता है. चूंकि डेनमार्क NATO का सदस्य है, इसलिए उस पर किसी भी तरह की जबरन कार्रवाई NATO को सीधे युद्ध में झोंक सकती है.

वेनेजुएला के बाद बढ़ा ट्रंप का आत्मविश्वा
विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप का आत्मविश्वास चरम पर है. इसी कारण अब उनका रवैया न सिर्फ विरोधी देशों बल्कि सहयोगियों के प्रति भी आक्रामक होता जा रहा है. दुनिया की चुप्पी ने भी उन्हें और हौसला दिया है.

कोलंबिया को लेकर भी सख्त तेवर
ग्रीनलैंड के साथ-साथ ट्रंप ने कोलंबिया को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि उन्हें ‘ऑपरेशन कोलंबिया’ नाम अच्छा लगता है. ट्रंप ने कोलंबिया पर ड्रग्स की तस्करी आरोप लगाए हैं. यही आरोप उन्होंने वेनेजुएला पर भी लगाए थे.

admin
Author: admin

और पढ़ें